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Thursday, 6 December 2018



सपना 

सपनों में देखा हे मैं ,
गुड़िया जैसी लड़की को,
उसकी आँखें कहते हे,
मेरे को एक कहानी

सपनों में खेलते है हम,
हाथ जोड़कर दौड़ते हे
दिल कहते है कि,
वह है मेरी लड़की 

उसकी हंसी में,
मैं डूब जाता हूँ 
उसकी रुलाई में,
मैं मर जाता हूँ 

चाहता हूँ  मैं,
उसकी वदन देखने को,
चाहता हूँ, मैं
उसकी दोस्ती को  

पारुल आते है तो 
जाती है मेरी गुड़िया 
पूरे दिन-रात रहती है,
वह मेरे दिल में

तेरेलिए है मेरा 
प्यार का प्यास 
तेरेलिए है मेरा 
प्राण का धड़क्कन 

अपने को मेरा करके,
मेरे को अपना करके,
जीयेंगे हम साथ-साथ,
प्यार की इस दुनिया में 

कब हम मिल जाऊं?
मेरे सपनों की रानी,
तुम कहो न,
कब हम मिल जाऊं?




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